
Bihar Tourism:बिहार को मिला नया टूरिस्ट स्पॉट
बिहार पर्यटन को नई रफ्तार: कैमूर में बनेगा राज्य का दूसरा ग्लास ब्रिज, तेल्हाड़ कुंड बनेगा नया आकर्षण केंद्र
Bihar Tourism Update: बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है। नालंदा के बाद अब कैमूर जिले को भी एक नया टूरिस्ट स्पॉट मिलने जा रहा है। यहां के मशहूर तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात को अब और भी रोमांचक और आकर्षक बनाया जा रहा है।
राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, झूला पुल और वॉच टावर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह ग्लास ब्रिज बिहार का दूसरा होगा। इससे पहले पहला ग्लास ब्रिज नालंदा में बनाया गया था।
इस पहल से न केवल कैमूर का पर्यटन नक्शे पर उभरेगा, बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांचकारी अनुभव का संगम अब बिहार में ही मिलेगा।
2027 तक कैमूर में तैयार होगा ग्लास ब्रिज प्रोजेक्ट, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा नया बल
बरसात के मौसम के बाद तेल्हाड़ कुंड परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और इसका कार्य मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। कैमूर के डीएफओ चंचल प्रकाशम ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे के दौरान की गई थी, जिसे अब राज्य सरकार से आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है।
स्थानीय लोगों को मिलेगा विकास का लाभ
तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात की ऊँचाई से गिरता पानी और वहाँ की धुंध भरी खूबसूरत वादियाँ पहले से ही पर्यटकों का ध्यान खींचती रही हैं। अब ग्लास ब्रिज, झूला पुल और वॉच टावर जैसी संरचनाओं के जुड़ने से यह स्थान राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभर सकता है।
इस परियोजना से क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को गाइडिंग, फूड स्टॉल, शिल्प कला, दुकानें और ठहरने जैसी सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, महिलाओं के लिए भी यह एक शानदार अवसर होगा, जो स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगी।
फोटोग्राफी और एडवेंचर का नया ठिकाना
नवनिर्मित ढाँचों के माध्यम से पर्यटक तेल्हाड़ कुंड झरने के विहंगम दृश्यों का आनंद ले सकेंगे। सेल्फी प्वाइंट, व्यू पॉइंट्स, और रोमांच से भरपूर वातावरण इसे एक अनूठा अनुभव स्थल बनाएगा। इससे न केवल कैमूर जिले की पहचान मजबूत होगी, बल्कि बिहार पर्यटन को भी नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी।