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Porn website ban in india भारत में पोर्न वेबसाइट बैन के बावजूद कैसे बनती हैं? एक गहराई से विश्लेषण
भारत सरकार ने कई सालों से पोर्न वेबसाइट्स पर बैन लगा रखा है, खासकर युवाओं को अश्लील सामग्री से बचाने और डिजिटल नैतिकता बनाए रखने के लिए। बावजूद इसके, देश में लाखों लोग आज भी इन वेबसाइटों तक पहुँच पा रहे हैं। इतना ही नहीं, नई पोर्न वेबसाइट्स भी लगातार बन रही हैं। सवाल उठता है — जब सरकार ने पोर्न को बैन कर दिया है, तो आखिर ये वेबसाइट्स बन कैसे रही हैं?
इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे पोर्न वेबसाइट्स बनाई जाती हैं, कौन लोग इन्हें बनाते हैं, कैसे सरकार ट्रैक करती है और किस तरह की सजा हो सकती है। साथ ही यह भी जानेंगे कि टेक्नोलॉजी और कानून के बीच यह जंग कैसे चल रही है।
📜 भारत में पोर्न पर बैन: कानूनी पृष्ठभूमि
भारतीय कानून क्या कहते हैं?
भारत में पोर्नोग्राफी को पूरी तरह से अवैध नहीं माना गया है, लेकिन “प्राकृतिक अश्लीलता” और “बाल पोर्नोग्राफी” को कड़ाई से प्रतिबंधित किया गया है।
प्रमुख कानून:
आईटी एक्ट 2000 की धारा 67, 67A, 67B – अश्लील सामग्री का प्रकाशन, ट्रांसमिशन या प्रोमोशन गैरकानूनी है।
IPC की धारा 292 और 293 – अश्लील सामग्री का वितरण और बिक्री प्रतिबंधित है।
POCSO एक्ट 2012 – बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री सख्त रूप से बैन है।

🌐 पोर्न वेबसाइट कैसे बनाई जाती है?
बैन के बावजूद पोर्न वेबसाइट्स बनाने के लिए तकनीकी और रणनीतिक उपायों का इस्तेमाल होता है। ये रहे मुख्य स्टेप्स:
1. विदेशी डोमेन का उपयोग
भारत में “.in” डोमेन पर निगरानी रहती है, इसलिए पोर्न वेबसाइट्स अक्सर “.com”, “.xyz”, “.me”, “.club” जैसे विदेशी एक्सटेंशन पर बनाई जाती हैं।
ये डोमेन आमतौर पर GoDaddy, Namecheap या Freenom जैसे प्लेटफॉर्म से खरीदे जाते हैं।
2. VPN और Tor नेटवर्क का इस्तेमाल
वेबसाइट बनाने और होस्ट करने वाले लोग अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN (Virtual Private Network) और Tor browser का इस्तेमाल करते हैं, जिससे IP एड्रेस भारत का ना दिखे।
Tor के ज़रिए “Dark Web” पर भी पोर्न कंटेंट का शेयर किया जाता है।
3. होस्टिंग विदेश में
भारतीय सर्वर कंपनियाँ पोर्न कंटेंट को होस्ट नहीं करतीं। इसलिए ऐसे वेबसाइट क्रिएटर Netherlands, Russia, Iceland या USA जैसे देशों के होस्टिंग प्रोवाइडर्स का इस्तेमाल करते हैं जो पोर्न होस्टिंग की इजाजत देते हैं।
4. Cloudflare जैसी CDN सर्विस का इस्तेमाल
Cloudflare जैसी CDN कंपनियाँ वेबसाइट की IP और लोकेशन छुपाने में मदद करती हैं, जिससे भारत सरकार द्वारा उसे ब्लॉक करना मुश्किल होता है।
5. Mirror Websites और Backup URLs
जब एक पोर्न वेबसाइट ब्लॉक हो जाती है, तो उसका “मिरर वर्जन” या “क्लोन साइट” तुरंत लाइव कर दिया जाता है।
उदाहरण:
www.pornx123.com के बंद होने पर तुरंत www.pornx456.com लाइव हो जाती है।
6. Telegram और Discord के ज़रिए प्रमोशन
आजकल पोर्न साइट्स के लिंक Telegram चैनल्स और Discord ग्रुप्स के ज़रिए प्रमोट किए जाते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कठिन होती है।
7. Crypto पेमेंट से कमाई
बहुत सी पोर्न साइट्स पर पेड मेंबरशिप, लाइव चैट, या वीडियो डाउनलोड के बदले में पेमेंट लिया जाता है, जो कि Bitcoin, Monero जैसे क्रिप्टोकरेंसी में होता है।
👤 कौन लोग बनाते हैं ये वेबसाइट्स?
1. अंतरराष्ट्रीय पोर्न कंपनियाँ
Pornhub, Xvideos जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स भारत में बैन हैं, लेकिन इनके मिरर वर्जन चल रहे हैं।
2. भारतीय डिजिटल एजेंसियाँ और डेवलपर्स
कुछ भारतीय फ्रीलांसर और एजेंसियाँ विदेशों से पैसा लेकर पोर्न वेबसाइट डेवेलप कर देते हैं और कंटेंट अपलोड करके एफिलिएट और विज्ञापन से कमाई करते हैं।
3. क्राइम सिंडिकेट और ग्रुप
कुछ केस में पाया गया है कि संगठित क्राइम ग्रुप या Adult Content Syndicates इन साइट्स को कंट्रोल करते हैं और डार्क वेब पर नेटवर्क ऑपरेट करते हैं।
👮 सरकार कैसे करती है ट्रैक?
1. CERT-In की भूमिका
भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) इंटरनेट पर ब्लैकलिस्टेड डोमेन और IPs को ट्रैक करती है।
2. AI Web Crawlers
भारत सरकार ने कई AI आधारित Web Crawler टूल्स विकसित किए हैं जो अश्लील कंटेंट को पहचान सकते हैं।
3. ISPs के जरिए बैन
इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (Jio, Airtel, BSNL) के जरिए सरकार पोर्न वेबसाइट्स को DNS स्तर पर ब्लॉक करती है।
4. पब्लिक रिपोर्टिंग और साइबर सेल
आम नागरिक पोर्न साइट्स की रिपोर्ट cybercrime.gov.in पर कर सकते हैं।
साइबर सेल समय-समय पर पोर्न साइट्स ऑपरेट करने वालों पर FIR भी दर्ज करती है।
⚖️ क्या होती है सजा?
अगर कोई व्यक्ति भारत में पोर्न साइट बनाता, होस्ट करता या प्रमोट करता है तो उसे निम्नलिखित सजा हो सकती है:
अपराध सजा
IT Act धारा 67 3 साल तक जेल और ₹5 लाख तक जुर्माना
IT Act धारा 67A 5 साल तक जेल और ₹10 लाख तक जुर्माना
IT Act धारा 67B (Child porn) 7 साल तक जेल और ₹10 लाख तक जुर्माना
IPC 292, 293 2 साल तक जेल
📱 मोबाइल ऐप्स और Hidden पोर्न कंटेंट
कई बार Google Play Store पर भी पोर्न जैसी ऐप्स छिपे हुए नाम से आ जाती हैं, जैसे “Private Video Vault”, “Hidden Gallery”, आदि।
ऐसे ऐप्स में पोर्न सामग्री या वेबसाइट लिंक छिपा कर रखा जाता है।
🚨 ताजा केस स्टडी (2024-2025)
फरवरी 2025: मुंबई पुलिस ने एक डिजिटल एजेंसी के 3 लोगों को अरेस्ट किया जो विदेशों के लिए पोर्न वेबसाइट बना रहे थे।
मार्च 2025: CERT-In ने 512 पोर्न वेबसाइट्स को DNS लेवल पर ब्लॉक किया।
अप्रैल 2025: दिल्ली साइबर सेल ने Telegram चैनल से जुड़े 1.3 लाख लिंक ब्लॉक किए।
🔐 हम क्या कर सकते हैं?
VPN का उपयोग ना करें, क्योंकि इससे कई बार गलत साइट्स तक पहुँच होती है।
Telegram/WhatsApp ग्रुप्स जो पोर्न कंटेंट प्रमोट करते हैं, उन्हें तुरंत ब्लॉक करें और रिपोर्ट करें।
अपने बच्चों के स्मार्टफोन में पैरेंटल कंट्रोल ऐप्स लगाएं।
समाज में डिजिटल नैतिकता को बढ़ावा दें और जागरूकता फैलाएं।
📌 निष्कर्ष
भारत में पोर्न वेबसाइट्स पर प्रतिबंध तो है, लेकिन टेक्नोलॉजी और ग्लोबल इंटरनेट की जटिलता के चलते इन्हें पूरी तरह रोकना बेहद कठिन है। सरकार और एजेंसियाँ लगातार इन पर कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन इस लड़ाई में आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
“डिजिटल स्वतंत्रता” और “डिजिटल नैतिकता” के बीच संतुलन बनाना ही इस युग की सबसे बड़ी चुनौती है।
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